हर देश मे तू, हर भेष मे तू...प्रार्थना गीत-

ग्राम-धनहा,मध्यप्रदेश से संदीप कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-
तेरी रंगभूमि यह विश्व भरा, सब खेल में मेल में तू ही तू-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-
सागर से उठा बादल बनके,बादल से गिरा जल होकर के-
फ़िर नहर बनी नदिया गहरी,तेरे भिन्न प्रकार तू एक ही है-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-
मिट्टी से अणु,परमाणु बना,सब जीव-जगत का रूप लिया
कहीं पर्वत वृक्ष विशाल बना,सौन्दर्य तेरा तू एक ही है-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: BHAKTI SONG