संकल्पित हो रही जवानी माँ की पीड़ा हरने को...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
संकल्पित हो रही जवानी माँ की पीड़ा हरने को-
बिखरी शक्ति संगठित करके-
दुष्ट प्रवित्ति से लड़ने को-
विश्व राष्ट्र व विश्व शांति का-
चिंतन जिसको खलता है... (AR)

Posted on: Sep 27, 2020. Tags: POEM