हमसे अच्छे तो पशु पक्षी है, विचरण करते गली गली...कविता-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
हमसे अच्छे तो पशु पक्षी है विचरण करते गली गली-
यत्र तत्र सर्वत्र हि देखो कोरोना की हवा चली-
जिनके तन पर नहीं है कपड़े-
हाँथ नहीं लगाते हैं-
न साबुन न सेनेटैजर दूरी नहीं बनाते हैं-
मानव का जीना है मुस्किल हालत अपनी है पतली... (AR)

Posted on: Sep 24, 2020. Tags: POEM