फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता-

ग्राम-बाग़डोंगरी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से रंजित मंडावी साथ में निधिषा एक कविता सुना रहीं है:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों, से नित, सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोंकों से लो, कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ो से सिखों, सबकों गलें लगाना-
मछली से सिखों स्वदेश के लिए तड़प कर मरना-
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...

Posted on: Dec 07, 2019. Tags: NARAYANPUR CG RANJEET MANDAVI SONG