वर्षा आई वर्षा आई घने-घने बादल लाई...कविता-

प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मानमती मरावी एक कविता सुना रही हैं :
वर्षा आई वर्षा आई घने-घने बादल लाई-
गरजे बादल चमके बिजली पानी की बौछारे पड़ते-
नदी, तालाब, खेत भर जाते सभी किसान खुश हो जाते-
कार्तिक में दिवाली आई वर्षा गई तो सर्दी आई-
ठंडी हवा लगे है बहने कपडे गर्म सभी ने पहने-
गेहू चना शुरू है बुवाई जैसे हरियाली देखे है...

Posted on: Sep 15, 2019. Tags: CG MANMATI MARAVI POEM SURAJPUR

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