मेरी अभिलाषा है...कविता-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से श्वेता कुमारी एक कविता सुना रही है :
सूरज सा चमकू मै, चंदा सा चमकू मै-
जगमग उज्जवल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभिलाषा है-
फूलो सा महकूँ मै, विहागो सा चहकू मै-
कुंचित सा वन उपवन-
कोयल सा कुह्कुं मै, मेरी अभिलाषा है...

Posted on: Jul 21, 2019. Tags: CG KABIRDHAM POEM SHWETA KUMARI

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