गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये...कविता-

ग्राम-देवरी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये-
ज्येठ, बैसाख, गर्मी सोते जाये-
घर मंदिर अपने पलट नहीं पाये-
आवे सावन पानी बरसे, अषाढ़ में घुटुर घटर बादल कड़काय...

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

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