नाप के पैमाने की कहानी

ग्राम- सिंहपुर तरहसील- पंडरिया जिला- कबीरधाम से ओमकार मरकाम नाप के पैमाने की कहानी सुना रहा है|
आज से सौ साल पहले लोग अपने बीते, पंजे, से ही लंबाइयाँ नापते थे| सभी लोगो के बीते और पंजे की लम्बाई अलग अलग थे, इससे लोगो को काफी परेशानी होती थी| लोग फिर एक ही पैमाना बना लिया, उसे छोटे छोटे हिस्सों में बाँट लिया| फिर उसी से गज, इंच प्रचलन में आया, पर हर एक देश का अपना अपना पैमाना था| वहां के लोग अपने अपने पैमाने से नापते थे| यह काफी परेशानी की बात थी| फिर फ्रांस सामने आया और पैमाने का एक यूनिवर्सल रूल लाया जो आज हम सब उसे इस्तेमाल करते है, वह है मीटर|

Posted on: May 17, 2019. Tags: CG EDUCATION KABIRDHAM OMKAR MARKAM

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