भाई भाई का प्यार...कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं| पंचवटी के स्वर्ण कुट्टी में लक्मण पर्ण कुट्टी पर बैठा हुआ सोच रहा था| 14 वर्ष का वनवास अकेला कैसे कटेगा, राम भैया और सीता भाभी अपने स्वर्ण कुट्टी में रहेंगे उनके सामने में कैसे जाऊंगा| तभी राम ने लक्मण को आवाज़ लगायी, कहा ये पर्ण कुट्टी का घास ये खिसक गया है, वर्षा कभी भी हो सकता इससे ठीक कर दो, अपना भी कुटिया देख लेना| लक्मण फिर चला गया| फिर राम सीता से कहते हैं, सीते लक्मण हमारे लिए कितना कस्ट उठा रहा है, इसको तो वनवास भी नहीं हुआ है| सीता बोली, यही तोह भाई भाई का प्यार है|...

Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

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