कुछ-कुछ शोर शराबा था, कुछ-कुछ था शांति...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कुछ-कुछ शोर शराबा था, कुछ-कुछ था शांति-
शोर शराबा इसलिये था-
क्यों कि एक बुज़ुर्ग बेसहारा का निधन हो गया था-
शांति इसलिये था क्यों कि उसका कोई रोने वाला नहीं था-
उसके जान पहचान सगे संबंधी दूर के थे-
उन्हें बुला कर अंतिम संस्कार किया गया-
कहानी हुवा ख़तम, वह था एक संत...

Posted on: May 22, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

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