पाकिस्तानी कीड़े मकोड़े, कब तक कुलबुलाओगे...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
पाकिस्तानी कीड़े मकोड़े, कब तक कुलबुलाओगे-
एक दिन सामत आ जायेगी, मिट्टी में मिल जाओगे-
फौलादी लोहे से नहीं बने हो-
हाड़ मांस का तुम्हारा भी है जान-
चीटियों सा मसलकर रख देंगे-
रख सकते हो तो रख लो अपना मान सम्मान...

Posted on: May 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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