उठो साथी आज चले हम मुक्त कराने देश को...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
उठो साथी आज चले हम मुक्त कराने देश को-
सदियों से गुलाम आज तक अपने प्यारे देश को-
देखो बिरला टाटा, बाटा दो, कहते रोज-रोज का घाटा दो-
अपने घर के भरे तिजोरी, भेज माल विदेश को-
उठो साथी आज चले हम मुक्त कराने देश को-
देखो जाती धर्म का घेरा, देखो दलाल का फेरा...

Posted on: May 06, 2019. Tags: CG KAILASH SHINGH POYA POEM SURAJPUR

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download