गावत रईथे गावत रईथे, भागवत गीता ला मै गावत रईथे जी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
गावत रईथे गावत रईथे-
भागवत गीता ला मै गावत रईथे जी-
कोनो सुनईया रहतिन ता रामायण ला-
मै गावत रईथे जी-
कोनो घर मा आंट नईये-
नइये कोनो हांथ के बचईया...

Posted on: Apr 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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